जिनके लिए हम जान थे कभी
जिनके लिए हम जान थे कभी, जिनके लिए हम जान थे कभी कब हम जान से अनजान हो गए, पता ही ना चला। इश्क़ कुछ यूं हुआ उनसे, इश्क़ कुछ यूं हुआ उनसे की उनकी बेपरवाह मुस्कान देख हम दिल हार बैठे, प्यार का असूल है, पास रहोगे तो नज़रो में रहोगे पर जो दूर होंगे दिल मे हर पल याद बन कर रहोगे। दिल की सुनु या दिमाग की कुछ ऐसी उलझन में उलझे है काश कोई आये और मेरी उलझने सुलझा दे।